राजस्थान में विवाह पंजीकरण कैसे करें? पूरी जानकारी
राजस्थान में विवाह पंजीकरण कैसे करें? पूरी जानकारी
राजस्थान में विवाह पंजीकरण एक महत्वपूर्ण कानूनी प्रक्रिया है। विवाह पंजीकरण के बाद वर-वधू को विवाह प्रमाण पत्र (Marriage Certificate) मिलता है, जिसका उपयोग सरकारी योजनाओं, पासपोर्ट, वीजा, बैंकिंग, नाम परिवर्तन तथा अन्य कानूनी कार्यों में किया जा सकता है। राजस्थान में विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया पहचान (Pehchan) पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन भी की जा सकती है।
विवाह पंजीकरण क्या है?
विवाह पंजीकरण का मतलब है कि विवाह की जानकारी को सरकार के आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज करवाना। पंजीकरण पूरा होने के बाद रजिस्ट्रार द्वारा विवाह प्रमाण पत्र जारी किया जाता है।
राजस्थान में विवाहों के पंजीकरण के लिए Rajasthan Compulsory Registration of Marriages Act, 2009 लागू है। इस कानून के अनुसार राज्य में संबंधित विवाहों का पंजीकरण अनिवार्य है।
विवाह पंजीकरण के लिए आयु
विवाह के लिए सामान्य रूप से
- वर की आयु कम से कम 21 वर्ष होनी चाहिए।
- वधू की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए।
- आयु प्रमाण के लिए जन्म प्रमाण पत्र, 10वीं की मार्कशीट या अन्य मान्य दस्तावेज उपयोग किए जा सकते हैं।
- नाबालिग विवाह से संबंधित मामलों में बाल विवाह कानून के तहत अलग कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
राजस्थान में विवाह पंजीकरण कहाँ करें?
विवाह पंजीकरण के लिए राजस्थान सरकार के पहचान पोर्टल का उपयोग किया जा सकता है। आवेदन आमजन स्वयं ऑनलाइन कर सकते हैं या ई-मित्र केंद्र के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
विवाह पंजीकरण संबंधित रजिस्ट्रार कार्यालय में भी किया जा सकता है। कुछ मामलों में उस क्षेत्र के रजिस्ट्रार के पास आवेदन किया जा सकता है जहां वर-वधू में से कोई व्यक्ति निर्धारित अवधि से निवास कर रहा हो।
Document
1. ऑनलाइन भरा हुआ विवाह पंजीकरण आवेदन।
2. वर का आधार कार्ड।
3. वधू का आधार कार्ड।
4. वर और वधू का आयु प्रमाण।
5. वर और वधू का पता/पहचान प्रमाण।
6.दोनों गवाहों के पहचान संबंधी दस्तावेज।
7. वर और वधू के शपथ पत्र।
8. दो गवाहों के नोटरी सत्यापित शपथ पत्र।
9. वर-वधू की पासपोर्ट साइज फोटो।
10. वर-वधू की संयुक्त फोटो।
11. परिवार का जन आधार, जहां पोर्टल पर आवश्यक हो।
12. मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी।
राजस्थान के पहचान पोर्टल की वर्तमान गाइडलाइन में विवाह आवेदन के लिए वर-वधू के आधार, जन्मतिथि सत्यापन संबंधी दस्तावेज और दो गवाहों के पहचान दस्तावेज सहित शपथ पत्र का उल्लेख है।
ऑनलाइन विवाह पंजीकरण कैसे करें?
राजस्थान में ऑनलाइन आवेदन के लिए पहचान पोर्टल पर जाकर विवाह पंजीकरण से संबंधित विकल्प चुनना होता है।
मुख्य प्रक्रिया इस प्रकार है
पहचान पोर्टल खोलें
राजस्थान सरकार के Pehchan Civil Registration System पोर्टल पर जाएं।
आमजन आवेदन विकल्प चुनें
पोर्टल पर आमजन के लिए उपलब्ध ऑनलाइन आवेदन सेवा में जाकर विवाह पंजीकरण का आवेदन चुनें।
विवाह संबंधी जानकारी भरें
आवेदन में वर-वधू की जानकारी सावधानी से भरें।
- वर का नाम
- वधू का नाम
- जन्म तारीख
- माता-पिता का नाम
- वर्तमान पता
- विवाह की तारीख
- विवाह का स्थान
- मोबाइल नंबर
- अन्य मांगी गई जानकारी
नाम और जन्म तारीख दस्तावेजों के अनुसार ही भरना चाहिए। पहचान पोर्टल भी आवेदन में जानकारी बिना गलती के भरने की सलाह देता है।
दस्तावेज अपलोड करें
आवेदन के साथ मांगे गए पहचान, पता, आयु तथा शपथ पत्र आदि दस्तावेजों को स्कैन करके अपलोड करें। पोर्टल की गाइडलाइन के अनुसार आवश्यक दस्तावेजों को JPG आदि निर्धारित प्रारूप में अपलोड करना होता है।
आवेदन जमा करें
सभी जानकारी जांचने के बाद आवेदन सबमिट करें। आवेदन के दौरान प्राप्त पासवर्ड/आवेदन विवरण को सुरक्षित रखें, क्योंकि बाद में आवेदन में संशोधन या स्थिति देखने में इसकी आवश्यकता हो सकती है।
ई-मित्र से विवाह पंजीकरण
यदि आपको ऑनलाइन आवेदन करने में परेशानी हो रही है तो नजदीकी ई-मित्र केंद्र पर जाकर विवाह पंजीकरण करवाया जा सकता है।
ई-मित्र संचालक पहचान पोर्टल पर आवेदन भरकर संबंधित दस्तावेज अपलोड कर सकता है और आवेदन को संबंधित रजिस्ट्रार के पास भेज सकता है।
ई-मित्र पर जाते समय वर-वधू तथा गवाहों के आवश्यक दस्तावेज साथ लेकर जाना बेहतर है।
क्या वर-वधू की उपस्थिति जरूरी है?
हां। राजस्थान पहचान पोर्टल की जानकारी के अनुसार विवाह पंजीकरण के लिए वर और वधू की रजिस्ट्रार के समक्ष उपस्थिति आवश्यक है।
इसलिए केवल ऑनलाइन फॉर्म भरना ही पर्याप्त नहीं हो सकता; पंजीकरण पूरा करने के लिए रजिस्ट्रार के सामने सत्यापन/उपस्थिति की आवश्यकता पड़ सकती है।
दो गवाहों की आवश्यकता
विवाह पंजीकरण में दो गवाहों के दस्तावेज और शपथ पत्र मांगे जाते हैं। गवाहों के पहचान दस्तावेज तथा आवश्यकतानुसार नोटरी से सत्यापित शपथ पत्र तैयार रखने चाहिए।
विवाह पंजीकरण की फीस
राजस्थान पहचान पोर्टल की FAQ जानकारी के अनुसार विवाह पंजीकरण के लिए ₹10 की फीस का प्रावधान है और 30 दिन की अवधि के बाद आवेदन करने पर ₹100 फीस का उल्लेख किया गया है।
इसके अतिरिक्त ई-मित्र या दस्तावेज स्कैन/अपलोड जैसी सेवाओं के लिए अलग सेवा शुल्क लागू हो सकता है।
विवाह के कितने दिन बाद पंजीकरण करें?
कानून में विवाह का मेमोरेंडम सामान्यतः विवाह होने के 30 दिनों के भीतर प्रस्तुत करने का प्रावधान है। 30 दिन के बाद भी पंजीकरण किया जा सकता है।लेकिन निर्धारित विलंब शुल्क/प्रक्रिया लागू हो सकती है।
इसलिए विवाह के बाद जल्द से जल्द पंजीकरण करवाना बेहतर है।
क्या पुराने विवाह का पंजीकरण हो सकता है?
हां। पुराने विवाहों का भी पंजीकरण करवाया जा सकता है। पहचान पोर्टल की FAQ में पुराने विवाह के पंजीकरण की सुविधा का उल्लेख है।
पुराने विवाह में अतिरिक्त दस्तावेज या सत्यापन की आवश्यकता मामले के अनुसार हो सकती है।
विवाह प्रमाण पत्र कैसे मिलेगा?
आवेदन और सत्यापन पूरा होने के बाद रजिस्ट्रार विवाह का पंजीकरण करता है और विवाह प्रमाण पत्र जारी करता है।
पहचान पोर्टल के माध्यम से जारी प्रमाण पत्र डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित/ई-साइन होकर उपलब्ध हो सकता है। प्रमाण पत्र ई-मेल पर भेजे जाने तथा ऑनलाइन डाउनलोड की सुविधा भी उपलब्ध है।
विवाह प्रमाण पत्र का उपयोग
विवाह प्रमाण पत्र कई कार्यों में उपयोगी होता है।
- पासपोर्ट बनवाने में
- वीजा प्रक्रिया में
- पति-पत्नी के संबंध का प्रमाण देने में
- बैंक और बीमा संबंधी कार्यों में
- सरकारी योजनाओं में
- नाम या वैवाहिक स्थिति से संबंधित कार्यों में
- विदेश यात्रा/इमिग्रेशन में
- कानूनी एवं प्रशासनिक कार्यों में
आवेदन करते समय महत्वपूर्ण सावधानियां
विवाह पंजीकरण करते समय इन बातों का ध्यान रखे ।
- नाम की स्पेलिंग दस्तावेज के अनुसार भरें।
- जन्म तारीख सही भरें।
- विवाह की तारीख में गलती न करें।
- वर और वधू के आधार में जानकारी जांच लें।
- गवाहों के सही दस्तावेज लगाएं।
- संयुक्त फोटो स्पष्ट होनी चाहिए।
- शपथ पत्र में गलत जानकारी न दें।
- आवेदन संख्या और पासवर्ड सुरक्षित रखें।
- मोबाइल नंबर चालू रखें।
- ई-मेल आईडी सही भरें, ताकि डिजिटल प्रमाण पत्र प्राप्त करने में परेशानी न हो।
आवेदन की स्थिति कैसे देखें?
पहचान पोर्टल पर आवेदन की स्थिति देखने की सुविधा उपलब्ध है। आवेदन जमा करने के बाद प्राप्त आवेदन संख्या/विवरण की मदद से स्टेटस चेक किया जा सकता है।
हेल्पलाइन नंबर
विवाह पंजीकरण या पहचान पोर्टल से संबंधित सहायता के लिए राजस्थान सरकार के पहचान पोर्टल पर टॉल फ्री नंबर हेल्पलाइन 18001806785 दी गई है।
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