राजस्थान में मूल निवास प्रमाण पत्र कैसे बनवाएँ?

 राजस्थान में मूल निवास   प्रमाण पत्र कैसे बनवाएँ?

राजस्थान में इसे आम भाषा में मूल निवास बोनाफाइड  डोमिसाइल सर्टिफिकेट कहते हैं। यह साबित करता है कि आप राजस्थान के मूल निवासी हैं।

मूल निवास प्रमाण पत्र क्या है और क्यों जरूरी है?

यह राजस्थान सरकार के राजस्व विभाग / SDM / तहसीलदार द्वारा जारी सरकारी दस्तावेज है।
इसके बिना आपको राज्य की योजनाओं का लाभ नहीं मिलता।
कहाँ-कहाँ अनिवार्य है।
सरकारी नौकरी, REET, RPSC, पुलिस, पटवारी भर्ती में
कॉलेज एडमिशन, स्कॉलरशिप, RTE में
जाति प्रमाण पत्र, EWS, OBC, आय प्रमाण पत्र बनवाने में
मुख्यमंत्री की आवास योजना, पेंशन योजना, पालनहार योजना आदि में

मूल निवास के प्रकार

राजस्थान में 2 तरह का मूल निवास बनता है:
(A) पैतृक आधार पर: अगर आपके माता-पिता राजस्थान के मूल निवासी हैं।
(B) निवास अवधि के आधार पर: अगर आप पिछले 10 साल या उससे अधिक समय से लगातार राजस्थान में रह रहे हैं, भले ही आपके माता-पिता दूसरे राज्य के हों। e930

पात्रता 

 आवेदक का राजस्थान में जन्म होना या माता-पिता का मूल निवास राजस्थान का होना।
यदि पैतृक नहीं है तो आवेदक पिछले 10 साल से राजस्थान में रह रहा हो, इसके लिए बिजली-पानी का बिल, किराया एग्रीमेंट, राशन कार्ड जैसे सबूत लगेंगे।
 विवाह के बाद महिला अपने पति के मूल निवास के आधार पर नया मूल निवास बनवा सकती है।
राजस्थान सरकार में 3 साल की सेवा पूरी कर चुके अन्य राज्य के सरकारी कर्मचारी भी पात्र हैं।

Document 

आधार कार्ड
जन आधार कार्ड (Rajasthan Jan Aadhaar)
पासपोर्ट साइज फोटो
मोबाइल नंबर

पैतृक आधार पर बनवा रहे हैं तो

माता या पिता का मूल निवास प्रमाण पत्र
आपका जन्म प्रमाण पत्र / 10वीं की मार्कशीट जिसमें जन्म स्थान राजस्थान हो

Point 11: 10 साल के निवास के आधार पर बनवा रहे हैं तो इनमें से कोई 2-3:
पिछले 10 साल का राशन कार्ड, वोटर ID, बिजली/पानी बिल
मकान का रजिस्ट्री / किरायानामा
सरकारी स्कूल की TC / पढ़ाई का प्रमाण
2 प्रतिष्ठित व्यक्तियों (सरपंच, पार्षद, विधायक, सांसद, राजपत्रित अधिकारी) का प्रमाण पत्र / शपथ पत्र e930

Point 12: विवाहित महिला के लिए - विवाह प्रमाण पत्र + पति का मूल निवास + ससुराल पक्ष का कोई एड्रेस प्रूफ

 फीस और वैधता

Point 13: सरकारी फीस: e-Mitra पर लगभग Rs. 30 - 50 + e-Mitra सर्विस चार्ज Rs. 50-70। खुद SSO से करोगे तो सिर्फ Rs. 30-40 ही लगती है।
Point 14: बनने में समय: सामान्यतः 7 से 15 दिन। कभी-कभी वेरिफिकेशन में 20 दिन भी लग सकते हैं।
Point 15: वैधता: राजस्थान का मूल निवास एक बार बनने के बाद आजीवन वैध (Lifetime) माना जाता है, बार-बार रिन्यू नहीं करवाना पड़ता। 8f68

ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया - सबसे आसान तरीका (SSO ID से)


यह सबसे सही तरीका है।

Point 16: Step 1 - SSO पोर्टल पर जाएं: sso.rajasthan.gov.in पर जाएं। अगर ID नहीं है तो Register पर क्लिक करके Jan Aadhaar / Google से रजिस्ट्रेशन करें। 12c2

Point 17: Step 2 - लॉगिन के बाद Dashboard पर e-Mitra या e-Mitra Citizen का Icon दिखेगा, उस पर क्लिक करें।

Point 18: Step 3 - सर्च बॉक्स में लिखें - "Mool Niwas" या "Bonafide Certificate" या "मूल निवास प्रमाण पत्र"।

Point 19: Step 4 - Apply New पर क्लिक करें। फॉर्म खुलेगा। इसमें 3 सेक्शन हैं:
व्यक्तिगत जानकारी - नाम, पिता का नाम, जन्म तिथि, लिंग, धर्म
पते की जानकारी - वर्तमान और स्थायी पता, तहसील, जिला
मूल निवास का आधार - पैतृक / 10 वर्ष / विवाह / सरकारी सेवा में से एक चुनें।

Point 20: Step 5 - सभी दस्तावेजों को 200KB से कम में JPG/PDF में अपलोड करें।

Point 21: Step 6 - शपथ पत्र (Affidavit) में टिक करें और फीस का ऑनलाइन भुगतान UPI / Net Banking से करें।

Point 22: Step 7 - सबमिट होते ही आपको एक Token Number / Application Number मिलेगा। इसे संभाल कर रखें।

ऑफलाइन / e-Mitra कियोस्क से कैसे बनवाएं

Point 23: अगर आप खुद से नहीं कर सकते तो अपने नजदीकी e-Mitra कियोस्क पर जाएं।
Point 24: दुकानदार को सभी दस्तावेजों की फोटो कॉपी + ओरिजिनल दे दें। वो आपका फॉर्म भरकर अपलोड कर देगा।
Point 25: वो आपको रसीद देगा। 10-15 दिन बाद उसी e-Mitra पर जाकर आप प्रिंट निकलवा सकते हैं।

 नई ऑटोमैटिक व्यवस्था - 2025-26 का बड़ा अपडेट

Point 26: राजस्थान सरकार अब Automatic Domicile System ला रही है। इसमें आपको आवेदन ही नहीं करना पड़ेगा।
Point 27: सरकार आपके जन्म रजिस्ट्रेशन, जन आधार, विवाह पंजीकरण, स्कूल रिकॉर्ड को आपस में लिंक कर रही है। पात्र होते ही आपके मोबाइल पर SMS आएगा, आप सहमति (Consent) देंगे और सिस्टम खुद आपका मूल निवास जारी कर देगा। यह व्यवस्था धीरे-धीरे पूरे राजस्थान में लागू हो रही है। 0ea09e6a

स्टेटस कैसे चेक करें और डाउनलोड कैसे करें

Point 28: SSO ID > e-Mitra > Transaction History में जाकर Application Number से स्टेटस देखें।
Point 29: अप्रूव होने पर वहीं से "Download Certificate" पर क्लिक करके Digital Signed PDF डाउनलोड कर लें।
Point 30: इस PDF पर QR Code होता है, वही ओरिजिनल माना जाता है। तहसील की मोहर लगवाने की जरूरत नहीं।

रिजेक्ट क्यों होता है? ध्यान रखने वाली बातें

Point 31: नाम में अंतर: आधार, जन आधार और 10वीं की मार्कशीट में नाम, पिता के नाम की स्पेलिंग एक जैसी होनी चाहिए।
Point 32: 10 साल वाले केस में सिर्फ 1 बिल से काम नहीं चलेगा, कम से कम 2 अलग-अलग साल के सबूत दें।
Point 33: फोटो कॉपी धुंधली अपलोड न करें।
Point 34: गलत तहसील / जिला सेलेक्ट करने पर फॉर्म रिजेक्ट हो जाता है।
Point 35: यदि पिता का मूल निवास नहीं है और आप पैतृक वाला ऑप्शन चुन लेते हैं तो रिजेक्ट होगा।

प्रो टिप्स

Point 36: फॉर्म भरते समय हिंदी और अंग्रेजी दोनों में नाम सही लिखें।
Point 37: जन आधार में आपके परिवार के सभी सदस्यों का नाम जुड़ा होना जरूरी है, नहीं तो e-Mitra वाला पहले जन आधार अपडेट करवाएगा।
Point 38: अगर अर्जेंट है तो तहसील कार्यालय में पटवारी रिपोर्ट के बाद SDM ऑफिस में जाकर Token Number दिखाकर रिक्वेस्ट कर सकते हैं, 2-3 दिन में भी बन जाता है।
Point 39: एक बार बनने के बाद इसकी 4-5 फोटो कॉपी और एक PDF अपने Google Drive में हमेशा सेव करके रखें।


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